जागेश्वर मंदिर परिसर

जागेश्वर धाम – कुमाऊं घाटी में बसे शिवालय

उत्तरांचल के जंगलों से भरपूर पहाड़ी पर जागेश्वर अथवा नागेश के रूप में शिवालय है जागेश्वर धाम। मैंने इससे पूर्व उत्तरांचल के कुमाऊं क्षेत्र में पत्थरों से निर्मित मंदिरों की तस्वीरें देखीं थीं। उनके...
अयोध्या नगरी

अयोध्या – राम और रामायण की नगरी एक यात्रा परिदार्शिका

अयोध्या नगरी की यात्रा करने की अभिलाषा मुझे कई वर्षों से थी। अयोध्या नगरी, जहाँ भगवान् राम का जन्म हुआ, जहाँ महाकाव्य रामायण की शुरुवात हुई और जहाँ रामायण का समापन भी हुआ। अयोध्या...
चाँद बावड़ी - आभानेरी - राजस्थान

चाँद बावड़ी – आभानेरी की मनमोहक कहानी

जयपुर, राजस्थान के समीप आभानेरी गाँव में स्थित चाँद बावड़ी भारत की सबसे सुन्दर बावड़ी है। मैं तो इसे सर्वाधिक चित्रीकरण योग्य बावड़ी भी मानती हूँ। यह १३ तल गहरी बावड़ी है। बावड़ी के भीतर,...
जूनागढ़ दुर्ग - बीकानेर

बीकानेर का जूनागढ़ किला भारत का सर्वोत्तम रखरखाव-युक्त किला

बीकानेर के जूनागढ़ किले का दर्शन मेरे लिए किसी रहस्य से परदा उठने से कम नहीं था। मैं यहाँ यह स्वीकार करना चाहूंगी कि मैं इस किले की खूबियों से पूर्णतः अनभिज्ञ थी। बीकानेर...
सूरजकुंड हरियाणा

सूरजकुंड – एक ऐतिहासिक धरोहर हरियाणा के इतिहास से

सूरजकुंड – यह नाम सुनते ही आपके सामने उस प्रसिद्द मेले का रंगीन सा दृश्य उभर आता है, जो पूरे भारत को एक साथ आपके सामने प्रस्तुत करता है। यहां पर आप भारत के...
लोथल - गुजरात

लोथल – सिंधु घाटी सभ्यता के अवशेषों का अवलोकन

लोथल उस भारत का चिन्ह है जिस काल में भारतीय उपमहाद्वीप में बहती सरस्वती नदी के किनारे पर मानव जीवन का वास हुआ करता था। जिसके प्रमाण आज भी सरस्वती नदी और उसकी उप-नदियों...
चित्तौड़गढ़

चित्तौड़गढ़ किला – साहस, भक्ति और त्याग की कथाएँ

इतिहास की पुस्तकों में से भारत का अगर कोई एक किला मुझे आज भी याद है, तो वह है मेवाड़ का चित्तौड़गढ़ किला। भारतीय इतिहास के कई महान और महत्वपूर्ण व्यक्ति यहां रह चुके...
वार्ड झील - शिलांग, मेघालय

मेघालय के शिलांग शहर में क्या क्या पर्यटक स्थल देखें

मेघालय – अर्थात मेघों का आलय। यह क्षेत्र हमेशा बादलों से आवृत्त रहता है। यहां पर एक भी पल ऐसा नहीं था, जब हमने आसमान में एक भी बादल ना देखा हो। वैसे तो...
रानी की वाव - पाटन, गुजरात

रानी की वाव – पाटन गुजरात का विश्व धरोहर का स्थल

रानी की वाव सात मंजिला बावड़ी है जो भीतर से उत्कीर्णन और भारतीय शिल्पकला से पूर्ण रूप से अलंकृत है। यह बावड़ी एक रानी ने अपने पति की स्मृति में बनवाई थी। भारत के...
लोमांस ऋषि गुफा - बराबर पहाड़ी - बिहार

बराबर गुफाएँ – भारत की सबसे प्राचीन गुफाएँ – बिहार का ऐतिहासिक स्थल

बिहार की मेरी प्रथम यात्रा के रूप में मुझे बराबर गुफाएँ देखने का मौका मिला। चट्टानों को काटकर बनाई गयी गुफाएँ भारत भर की कई पहाड़ियों पर फैली हुई हैं। इन गुफाओं का प्रयोग...

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