द्रौपदी का जन्मस्थान – प्राचीन पांचाल देश की राजधानी कांपिल्य

https://youtu.be/rMdVU0H17V0 नीरा मिश्र ‘द्रौपदी ड्रीम ट्रस्ट’ की संस्थापक, अभिभावक एवं अध्यक्षा हैं। वे गत दो दशकों से सामाजिक व्यवसायी हैं तथा प्राचीन भारतीय धरोहरों को पुनर्जीवित करने के शुभकार्य में व्यस्त हैं। दिल्ली अर्थात्   इंद्रप्रस्थ...
Ashtabhuja Sanjhi in Vrindavan

सांझी कला – ब्रज वृंदावन की पारंपरिक अलंकरण कला

सांझी कला सांस्कृतिक रूप से धनी, ब्रज में प्रचलित अनेक कला क्षेत्रों में से एक है। भगवान कृष्ण से संबंधित सांस्कृतिक पृष्ठभूमि होने के फलस्वरूप ब्रज प्राचीन काल से ही विभिन्न लोक शैलियों का महत्वपूर्ण...
आगरा का सुप्रसिद्ध पेठा

आगरा पेठा – शहर की पारंपरिक स्वादिष्ट मिठाई

आगरा शहर मुख्य रूप से विश्व में स्थित सात अजूबों में से एक ' ताज महल ' के लिए विश्वप्रसिद्ध है। किन्तु इसके अलावा एक और चीज़ जिसके नाम से इस शहर की पहचान...
वृन्दावन की दीवार पर राधा कृष्ण

वृन्दावन के दर्शनीय स्थल – मंदिर, घाट व संग्रहालय

एक समय वृन्दावन केवल एक वन मात्र था। हिन्दू शास्त्रों के अनुसार ब्रज भूमि में कुल १२ वन थे। वृन्दावन उनमें से एक है। यमुना नदी के तीर स्थित इस वन में श्री कृष्ण...
माँ विंध्यवासिनी - विन्ध्याचल

विंध्याचल मीरजापुर के निकट माँ विंध्यवासिनी का पर्वतीय आवास

विंध्यवासिनी देवी का सीधा साधा सा अर्थ है विंध्य पर्वत पर निवास करने वाली देवी । विंध्याचल पर्वत श्रंखला भारत के सम्पूर्ण मध्य भाग में फैली हुई है। बिहार जैसे पूर्वी राज्यों से आरंभ...
मथुरा वृन्दावन में ब्रज की होली

चलिए मथुरा वृन्दावन में ब्रज की होली का आनंद लेने

होली का पर्व भारत का सर्वाधिक उल्हासपूर्ण पर्व है। इसी होली के आनंददायक पर्व का यदि आप कहीं पारंपरिक रूप से अनुभव लेना चाहते हैं तो वह स्थान है, ब्रज भूमि अथवा मथुरा वृन्दावन...
चुनरी मनोरथ अनुष्ठान मथुरा में यमुना नदी पर

चुनरी मनोरथ – मथुरा में यमुना जी का चुनरी ओढ़ना

श्री कृष्ण के काल को बहुधा इन तीन धरोहरों से जोड़ा जाता है, गोवर्धन पर्वत, ब्रज भूमि तथा यमुना नदी। यमुना नदी का श्याम वर्ण जल कृष्ण के श्याम वर्ण के समान है। यमुना उनकी...
मथुरा के पेड़े

ब्रजवासी का मथुरा पेड़ा- उत्कृष्ट पाककृति की एक झलक

मथुरा पेड़ा! आपने नाम तो सुना ही होगा। वस्तुतः इसे खाया भी होगा। अतः मथुरा पेड़ा का नाम सुनकर मुँह में पानी आना स्वाभाविक है, है ना? ऐसी ही एक और स्वादिष्ट मिठाई है...
गोवर्धन पर्वत शिला

गोवर्धन परिक्रमा – वह पर्वत जिसे कृष्ण ने अपनी कनिष्ठिका पे उठाया था

गोवर्धन पर्वत, यमुना एवं ब्रज भूमि – केवल यही तीन मूल धरोहर कृष्ण के समय से अब तक अस्तित्व में हैं। कम से कम उस नाविक की दृष्टि में तो यही सनातन सत्य है...
firozabad bangles

फिरोजाबाद – रंगबिरंगी कांच की चूड़ियों की सुहाग नगरी

फिरोजाबाद, इस नगरी के नाम का स्मरण सदैव से मेरे कानों में कांच की चूड़ियों की खनक उत्पन्न करता रहा है। सम्पूर्ण भारत में मैं किसी भी मेले अथवा बाजार में रंगबिरंगी चमचमाती कांच...

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