पञ्च क्रोशि यात्रा काशी खंड

पंचक्रोशी यात्रा – काशी खंड का प्राचीन तीर्थ मार्ग

चार साल पहले वाराणसी के दौरे के समय मुझे पहले-पहल पंचक्रोशी यात्रा के बारे में पता चला। बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय के भारत कला भवन की दीवारों पे मैंने एक अनुपम नक्शा देखा था। इसके...
अयोध्या नगरी

अयोध्या – राम और रामायण की नगरी एक यात्रा परिदार्शिका

अयोध्या नगरी की यात्रा करने की अभिलाषा मुझे कई वर्षों से थी। अयोध्या नगरी, जहाँ भगवान् राम का जन्म हुआ, जहाँ महाकाव्य रामायण की शुरुवात हुई और जहाँ रामायण का समापन भी हुआ। अयोध्या...
वाराणसी के उपहार

वाराणसी में क्या खरीदें – उपहार या स्मृति चिन्ह

जैसा कि आप जानते हैं, हर वर्ष लोग भारी मात्रा में वाराणसी की यात्रा करतें हैं। उनकी यात्रा का हेतु चाहे धार्मिक हो, या सार्वजनिक, या कुछ और, वे वाराणसी व यहाँ की विशेषताओं...
तुलसी अखाड़े की कुश्ती

वाराणसी के तुलसी अखाड़े के पहलवानों की दिनचर्या

अखाड़ों के बारे में जानने की उत्सुकता मुझे हमेशा रही और कभी कोई अखाड़ा देख पाऊं यह इच्छा भी बहुत दिनों से थी। मेरी यह इच्छा पूर्ण हुई जब हाल ही की मेरी वाराणसी...

नैमिषारण्य – वेदों, पुराणों, सत्यनारायण कथा एवं ८८,००० ऋषियों की तपोभूमि

हम में से जिन्होने भी हिन्दू धर्मं ग्रन्थ पढ़े हों उनके समक्ष नैमिषारण्य, इस सुन्दर शब्द का उल्लेख कई बार आया होगा। नैमिषारण्य लखनऊ से लगभग ९० की.मी. दूर, सीतापुर जिले में गोमती नदी...
जंगमवाडी मठ - काशी

वाराणसी का जंगमवाड़ी मठ १० लाख से अधिक शिवलिंगों का संग्रह

वाराणसी अथवा काशी एक ऐसा नगर है जहां भारत के प्रत्येक हिन्दू समुदाय हेतु निर्धारित स्थान है एवं वहाँ उनके मंदिर एवं मठ स्थापित हैं। इन समुदायों के सदस्य इन मंदिरों एवं मठों के...
गंगा आरती दशाश्वमेध घाट वाराणसी

वाराणसी के दशाश्वमेध घाट में गंगा जी की दर्शनीय आरती

वाराणसी के दशाश्वमेध घाट में गंगाजी की आरती एक विलोभनीय दृश्य है। नदियों को पूजने की भारत की प्राचीन परंपरा को नवीनता प्रदान कर विभिन्न जन समुदायों को कैसे आकर्षित किया जाता है, गंगाजी...
firozabad bangles

फिरोजाबाद – रंगबिरंगी कांच की चूड़ियों की सुहाग नगरी

फिरोजाबाद, इस नगरी के नाम का स्मरण सदैव से मेरे कानों में कांच की चूड़ियों की खनक उत्पन्न करता रहा है। सम्पूर्ण भारत में मैं किसी भी मेले अथवा बाजार में रंगबिरंगी चमचमाती कांच...
नाग वासुकी मंदिर - प्रयागराज के प्राचीन मंदिर

त्रिवेणी संगम की नगरी प्रयागराज के प्राचीन मंदिर

प्रयागराज के प्राचीन मंदिरों के विषय में प्रयागराज नगरी से बाहर कदाचित ही कोई जानता हो। हम प्रयागराज को त्रिवेणी संगम से ही अधिक जानते हैं। त्रिवेणी संगम अर्थात् गंगा, यमुना एवं सरस्वती का...
गोवर्धन पर्वत शिला

गोवर्धन परिक्रमा – वह पर्वत जिसे कृष्ण ने अपनी कनिष्ठिका पे उठाया था

गोवर्धन पर्वत, यमुना एवं ब्रज भूमि – केवल यही तीन मूल धरोहर कृष्ण के समय से अब तक अस्तित्व में हैं। कम से कम उस नाविक की दृष्टि में तो यही सनातन सत्य है...

सोशल मीडिया पर जुड़िये

151,702FansLike
6,729FollowersFollow
844FollowersFollow
22,587FollowersFollow
8,650SubscribersSubscribe

लोकप्रिय प्रविष्टियाँ