भरद्वाज मुनि की विशाल प्रतिमा - प्रयागराज

प्रयागराज के अनमोल धरोहरों का दर्शन- एक पदभ्रमण

प्रयागराज, जिसे कुछ समय के लिए इलाहाबाद भी कहा जाता था, एक छोटा किन्तु अत्यंत महत्वपूर्ण नगर है। भारत के तीन प्रधानमंत्री प्रयागराज नगर के निवासी थे जिनमें दो का जन्म भी प्रयागराज में...
माँ विंध्यवासिनी - विन्ध्याचल

विंध्याचल मीरजापुर के निकट माँ विंध्यवासिनी का पर्वतीय आवास

विंध्यवासिनी देवी का सीधा साधा सा अर्थ है विंध्य पर्वत पर निवास करने वाली देवी । विंध्याचल पर्वत श्रंखला भारत के सम्पूर्ण मध्य भाग में फैली हुई है। बिहार जैसे पूर्वी राज्यों से आरंभ...
चुनरी मनोरथ अनुष्ठान मथुरा में यमुना नदी पर

चुनरी मनोरथ – मथुरा में यमुना जी का चुनरी ओढ़ना

श्री कृष्ण के काल को बहुधा इन तीन धरोहरों से जोड़ा जाता है, गोवर्धन पर्वत, ब्रज भूमि तथा यमुना नदी। यमुना नदी का श्याम वर्ण जल कृष्ण के श्याम वर्ण के समान है। यमुना उनकी...
तुलसी अखाड़े की कुश्ती

वाराणसी के तुलसी अखाड़े के पहलवानों की दिनचर्या

अखाड़ों के बारे में जानने की उत्सुकता मुझे हमेशा रही और कभी कोई अखाड़ा देख पाऊं यह इच्छा भी बहुत दिनों से थी। मेरी यह इच्छा पूर्ण हुई जब हाल ही की मेरी वाराणसी...
पञ्च क्रोशि यात्रा काशी खंड

पंचक्रोशी यात्रा – काशी खंड का प्राचीन तीर्थ मार्ग

चार साल पहले वाराणसी के दौरे के समय मुझे पहले-पहल पंचक्रोशी यात्रा के बारे में पता चला। बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय के भारत कला भवन की दीवारों पे मैंने एक अनुपम नक्शा देखा था। इसके...
नाग वासुकी मंदिर - प्रयागराज के प्राचीन मंदिर

त्रिवेणी संगम की नगरी प्रयागराज के प्राचीन मंदिर

प्रयागराज के प्राचीन मंदिरों के विषय में प्रयागराज नगरी से बाहर कदाचित ही कोई जानता हो। हम प्रयागराज को त्रिवेणी संगम से ही अधिक जानते हैं। त्रिवेणी संगम अर्थात् गंगा, यमुना एवं सरस्वती का...
जंगमवाडी मठ - काशी

वाराणसी का जंगमवाड़ी मठ १० लाख से अधिक शिवलिंगों का संग्रह

वाराणसी अथवा काशी एक ऐसा नगर है जहां भारत के प्रत्येक हिन्दू समुदाय हेतु निर्धारित स्थान है एवं वहाँ उनके मंदिर एवं मठ स्थापित हैं। इन समुदायों के सदस्य इन मंदिरों एवं मठों के...
मथुरा वृन्दावन में ब्रज की होली

चलिए मथुरा वृन्दावन में ब्रज की होली का आनंद लेने

होली का पर्व भारत का सर्वाधिक उल्हासपूर्ण पर्व है। इसी होली के आनंददायक पर्व का यदि आप कहीं पारंपरिक रूप से अनुभव लेना चाहते हैं तो वह स्थान है, ब्रज भूमि अथवा मथुरा वृन्दावन...
Ashtabhuja Sanjhi in Vrindavan

सांझी कला – ब्रज वृंदावन की पारंपरिक अलंकरण कला

सांझी कला सांस्कृतिक रूप से धनी, ब्रज में प्रचलित अनेक कला क्षेत्रों में से एक है। भगवान कृष्ण से संबंधित सांस्कृतिक पृष्ठभूमि होने के फलस्वरूप ब्रज प्राचीन काल से ही विभिन्न लोक शैलियों का महत्वपूर्ण...
firozabad bangles

फिरोजाबाद – रंगबिरंगी कांच की चूड़ियों की सुहाग नगरी

फिरोजाबाद, इस नगरी के नाम का स्मरण सदैव से मेरे कानों में कांच की चूड़ियों की खनक उत्पन्न करता रहा है। सम्पूर्ण भारत में मैं किसी भी मेले अथवा बाजार में रंगबिरंगी चमचमाती कांच...

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