खारे पानी के मगर नंदनकानन में

नंदनकानन प्राणी उद्यान -भुवनेश्वर एक प्राकृतिक चिड़ियाघर

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नंदनकानन जूलॉजिकल पार्क अथवा नंदनकानन प्राणी उद्यान, ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में भ्रमण करने आए पर्यटकों का एक लोकप्रिय गंतव्य! यह उद्यान भुवनेश्वर के लोगों का भी अत्यंत प्रिय भ्रमण स्थल है। स्थानीय भाषा,...
भुवनेश्वर का प्राचीन मुक्तेश्वर मंदिर

भुवनेश्वर भारत की धरोहर नगरी का इतिहास

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“इस धरा के विभिन्न क्षेत्रों में भारत खंड एकमात्र सर्वाधिक विशिष्ट क्षेत्र है। वहीं भारत खंड के सभी प्रदेशों में उत्कल सर्वाधिक प्रसिद्धि का दावा करता है। उत्कल का सम्पूर्ण क्षेत्र एक विशाल अखंड...
गजपांव

ओडिशा की मंगलाजोड़ी आद्रभूमि: जलपक्षियों के स्वर्ग में नौकाविहार

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ओडिशा का मंगलाजोड़ी, पर्यावरण एवं पक्षी प्रेमियों का अत्यंत प्रिय गंतव्य है। भारत ही नहीं, अपितु एशिया की विशालतम खारे जल के सरोवर, चिलिका अथवा चिल्का सरोवर के उत्तरी छोर पर स्थित एक गाँव...
जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा पुरी के चक्रतीर्थ पर

पुरी के दर्शनीय स्थल – पञ्चतीर्थ, समुद्र तट, मंदिर, तीर्थ, मठ

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पुरी, बंगाल की खाड़ी पर स्थित, भारत के पूर्वी तट का सर्वाधिक महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल है। भारत के चार दिशाओं पर स्थित चार धामों में से यह पूर्वी धाम है। आदि शंकराचार्यजी ने अपने...
कोणार्क सूर्य मंदिर - कलिंग मंदिर वास्तुशैली का उत्कृष्ट उदहारण

कलिंग नागर स्थापत्य शैली – रेखा देउल, पीढ देउल, खाखरा देउल

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मंदिर स्थापत्य की जो नागर शैली ओडिशा से सम्बंधित रखती है, उसे कलिंग नागर शैली कहते हैं। नागर शैली का प्रयोग सामान्यतः उत्तर भारत मंदिर वास्तुकला में किया गया है। मंदिर स्थापत्य में नागर शैली...
वाराही मंदिर - चौरासी गाँव

ओडिशा की प्राची घाटी के समृद्ध पुरातात्विक स्थलों की खोज में

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प्राची घाटियों के मध्य से बहती प्राची नदी को भारत के पूर्व दिशा की सरस्वती कहा जाता है। रहस्यमयी सरस्वती सदियों पूर्व लुप्त हो चुकी है। किन्तु प्राची नदी, सीमित परिस्थितियों में ही सही,...
ओडिशा की उत्कृष्ट हाथ से बुनी साड़ियाँ

ओडिशा के प्रसिद्द स्मृतिचिन्ह – भुवनेश्वर, पुरी एवं कोणार्क से क्या लाएं?

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ओडिशा को लोग भारत के प्रसिद्ध सांस्कृतिक केंद्रों में से एक के रूप में कम ही जानते हैं। ओडिशा जैसे संस्कृति के धनी प्रदेश के प्रति यह अन्याय है। यहाँ हस्तकला द्वारा एक से...
रत्नागिरी महाविहार का सुसज्जित द्वार

उदयगिरी, रत्नागिरी एवं ललितगिरी- ओडिशा का बौद्ध इतिहास

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उदयगिरी, रत्नागिरी एवं ललितगिरी ओडिशा में प्राचीन बौद्ध धर्म की अंतिम स्मृतियाँ हैं। इन स्थलों का संबंध बौद्ध धर्म के उदय से भले ही ना हो किन्तु  बौद्ध धर्म के प्रसार में इनका निश्चित...

श्री जगन्नाथ पुरी मंदिर की उत्कृष्ट विशेषताएं एवं दर्शनीय स्थल

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जगन्नाथ पुरी भारत के सर्वाधिक महत्वपूर्ण तीर्थस्थलों में से एक है। भारत के पूर्वी तट पर स्थित यह धाम भगवान विष्णु के अखिल ब्रम्हांड नायक स्वरूप को समर्पित है। उन्हे भगवान विष्णु का वह...
रघुराजपुर गाँव के कलाकार

रघुराजपुर का पट्टचित्र शिल्पग्राम – पुरी, ओडिशा

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ओडिशा यात्रा के समय मेरी इच्छा-सूची में सर्वप्रथम स्थान था, रघुराजपुर के पट्टचित्र कारीगरों से भेंट करना।  पारंपरिक कला एवं  शिल्पग्राम के दर्शन करना मेरे लिए सदैव ही आनंद की अनुभूति होती है। मेरे...

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