रघुराजपुर गाँव के कलाकार

रघुराजपुर का पट्टचित्र शिल्पग्राम – पुरी, ओडिशा

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ओडिशा यात्रा के समय मेरी इच्छा-सूची में सर्वप्रथम स्थान था, रघुराजपुर के पट्टचित्र कारीगरों से भेंट करना।  पारंपरिक कला एवं  शिल्पग्राम के दर्शन करना मेरे लिए सदैव ही आनंद की अनुभूति होती है। मेरे...
भूरे पंख वाली रामचिरैय्या

भितरकनिका राष्ट्रीय उद्यान – खारे जल के मगरमच्छों व रामचिरैयों का बसेरा

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खारे जल के मगरमच्छों एवं रामचिरैयों की दुर्लभ प्रजातियां! मिलना चाहते हैं इनसे? तो आईए चलें ओडिशा के भितरकनिका राष्ट्रीय उद्यान में! गूगल नक्शे में भितरकनिका ढूंढ कर उसे पास से देखें तो ओडिशा...

श्री जगन्नाथ पुरी मंदिर की उत्कृष्ट विशेषताएं एवं दर्शनीय स्थल

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जगन्नाथ पुरी भारत के सर्वाधिक महत्वपूर्ण तीर्थस्थलों में से एक है। भारत के पूर्वी तट पर स्थित यह धाम भगवान विष्णु के अखिल ब्रम्हांड नायक स्वरूप को समर्पित है। उन्हे भगवान विष्णु का वह...
रत्नागिरी महाविहार का सुसज्जित द्वार

उदयगिरी, रत्नागिरी एवं ललितगिरी- ओडिशा का बौद्ध इतिहास

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उदयगिरी, रत्नागिरी एवं ललितगिरी ओडिशा में प्राचीन बौद्ध धर्म की अंतिम स्मृतियाँ हैं। इन स्थलों का संबंध बौद्ध धर्म के उदय से भले ही ना हो किन्तु  बौद्ध धर्म के प्रसार में इनका निश्चित...
६४ योगिनी मंदिर हीरापुर ओडिशा

हीरापुर ओडिशा का चौसठ योगिनी मंदिर ९ वीं. सदी का अद्भुत माणिक्य

सभी चौसठ योगिनी मंदिर अत्यंत ही अनोखे एवं अद्भुत मंदिर हैं। बिना छत की गोलाकार संरचना व उन पर उत्कीर्णित योगिनियों की अद्भुत प्रतिमाएं इन्हे अद्वितीय व असाधारण बनाती हैं। मंदिर की इन विशेषताओं...
ओडिशा की उत्कृष्ट हाथ से बुनी साड़ियाँ

ओडिशा के प्रसिद्द स्मृतिचिन्ह – भुवनेश्वर, पुरी एवं कोणार्क से क्या लाएं?

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ओडिशा को लोग भारत के प्रसिद्ध सांस्कृतिक केंद्रों में से एक के रूप में कम ही जानते हैं। ओडिशा जैसे संस्कृति के धनी प्रदेश के प्रति यह अन्याय है। यहाँ हस्तकला द्वारा एक से...
कोणार्क सूर्य मंदिर

ओडिशा का कोणार्क सूर्य मंदिर २४ विशेष आकर्षण

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कोणार्क सूर्य मंदिर विश्व का सर्वाधिक प्रसिद्ध सूर्य मंदिर है। इसके वर्तमान स्वरूप को देखकर इसकी प्राचीन काल की भव्यता एवं शोभा की कल्पना करना असंभव ना सही, कठिन अवश्य है। जब यह अखंडित...
बिरजा देवी जाजपुर

प्राचीन बिरजा देवी शक्तिपीठ ओडिशा के जाजपुर नगर में

जाजपुर की बिरजा देवी के विषय में मुझे जानकारी उस समय प्राप्त हुई जब मैं आदि शंकराचार्य द्वारा रचित  एक स्तोत्र का अध्ययन कर रही थी जिसमें भारत में स्थित १८ शक्तिपीठों के विषय...

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