लन्दन के ब्रिटिश संग्रहालय की १० सर्वोत्तम कृतियाँ

0
519

आप सबने ब्रिटेन के लन्दन शहर में स्थित ब्रिटिश संग्रहालय एवं उसके अद्भुत संग्रह के विषय में अवश्य सुना होगा। यदि आप लन्दन का भ्रमण करने जा रहे हैं तो वहां के दर्शनीय स्थलों की आपकी नियोजित सूची में लन्दन के संग्रहालयों के नाम सर्वोच्च प्राथमिकता के स्तर पर होने चाहिए।

लन्दन के संग्रहालय यथार्थ में अत्यंत उल्लेखनीय संस्थाएं हैं जहां विश्वभर की अप्रतिम सांस्कृतिक धरोहर व कलाकृतियाँ संगृहीत एवं प्रदर्शित हैं। ये कलाकृतियाँ लगभग सभी क्षेत्रों एवं एक विस्तृत ऐतिहासिक समयावधि से सम्बंधित हैं। यद्यपि इनमें से कुछ संग्रह ऐसे हो सकते हैं जिनके अवलोकन के लिए टिकट क्रय करना आवश्यक है तथापि संग्रहालयों के अधिकाँश भागों का अवलोकन निःशुल्क है। अतः, इन विशाल संग्रहालयों के अधिकतम भागों में प्रवेश सुलभ है किन्तु वे कुछ अनुदान की अपेक्षा अवश्य करते हैं। ये अनुदान संग्रहालयों की गुणवत्ता के अनुपात से कम ही है।

ब्रिटिश संग्रहालय की ऐतिहासिक महत्ता

लन्दन के इन संग्रहालयों में प्रमुख है ब्रिटिश संग्रहालय, जो अद्वितीय ऐतिहतिक महत्ता से परिपूर्ण भव्य प्रदर्शित कृतियों के विशाल भण्डार के लिए जगप्रसिद्ध है। मैं कुछ समय पूर्व लन्दन में थी। मैं इस संग्रहालय के अवलोकन के सुअवसर की तीव्रता से प्रतीक्षा कर रही थी। जैसे ही मुझे वह अवसर प्राप्त हुआ, बिना एक क्षण गंवाएं मैं वहां पहुँच गयी। ब्रिटिश संग्रहालय की इमारत अत्यंत भव्य है। यहाँ बड़ी संख्या में व भिन्न भिन्न श्रेणियों में इतनी प्रदर्शित वस्तुएं हैं कि आप इस संग्रहालय का अवलोकन करते अनेक दिवस आनंद से व्यतीत कर सकते हैं। तब भी, मेरा विश्वास है कि कई कृतियाँ अनदेखी रह जाएँगी । यद्यपि यहाँ की प्रत्येक संग्रहीत कृति देख आप अवाक् हो जायेंगे, तथापि कुछ कृतियाँ अन्य वस्तुओं से इतनी विशेष एवं अद्वितीय हैं कि आपकी आँखे फटी कि फटी रह जायेंगी। यहाँ मैं आपके लिए एक अत्यंत कठिन कार्य करने जा रही हूँ। उन सर्वोत्कृष्ट, अप्रतिम व अद्वितीय कृतियों में से १० सर्वोत्तम कृतियों को चुनकर आपके समक्ष रख रही हूँ ताकि आप अपने आगामी भ्रमण के समय उनके अवलोकन अवश्य करें। विशेषतः यदि आपके पास समय का अभाव हो तथा अधिक से अधिक लन्दन में एक दिवस का समय ही हो तब भी आप इस संग्रहालय की उसी भव्यता का लगभग पूर्ण अनुभव ले सकते हैं।

ब्रिटिश संग्रहालय की १० सर्वोत्तम कृतियाँ

१.  रोजिटा शिला (The Rosetta Stone)

मेरे लिए यह संग्रहालय की सर्वाधिक प्रभावशाली वस्तु है। संभव है, कुछ दर्शनकर्ता मेरे इस चुनाव से सहमत न हों। विभिन्न चित्रपटों, पुस्तकों एवं विडियो खेलों में इस शिला का उल्लेख जिस प्रमाण में किया जाता रहा है, जिस प्रकार प्राचीन मिस्र के विभिन्न काल्पनिक रहस्यों की परतें खोलने के लिए इस शिला का प्रयोग किया जाता रहा है, इस शिला ने अनेक चित्रपट प्रेमियों, पुस्तक प्रेमियों एवं विडियो खेल प्रेमियों के हृदय में एक विशेष स्थान निर्माण किया है। अतः मेरे अनुसार ब्रिटिश संग्रहालय की अत्यंत दर्शनीय कृतियों में इसका प्रथम स्थान होना चाहिए।

रोज़ेटा शिला - ब्रिटिश संग्रहालय
रोज़ेटा शिला – ब्रिटिश संग्रहालय

रोजिटा शिला पर उत्कीर्णित अभिलेख के तीन संस्करण हैं, दो प्राचीन मिस्र भाषा के दो भिन्न रूपों में अभिलेखित हैं तो एक प्राचीन यूनानी भाषा में है। प्राचीन यूनानी भाषा में अभिलेखित संस्करण ने अंततः खोजकर्ताओं की इन चित्रलिपियों को समझने में सहायता की। कल्पना कीजिये, इस चित्रलिपि के रहस्योद्घाटन ने मानवसमाज के समक्ष प्राचीन विश्व का विशाल द्वार खोल कर रख दिया होगा। दो अत्यंत शक्तिशाली संस्कृतियों के संगम के इस प्रमाण का दर्शन करना मेरे लिए यह अत्यंत रोमांचक अनुभव था।

यह शिला युगों पूर्व की जीवनशैली की एक झलक हमारे समक्ष प्रस्तुत करती है। अद्भुत!

२. परिरक्षित देह (The Mummies)

प्राचीन मिस्र का उल्लेख होते ही हमारे समक्ष एक कल्पना अवश्य उभर कर आती है, वह है मानवों के परिरक्षित शरीर। इन्हें ममी भी कहा जाता है। ब्रिटिश संग्रहालय के उपरी तल पर आप इन परिरक्षित देहों अथवा ममियों के अनेक प्रकार देख सकते हैं। अब तक आपने इस प्रकार के दृश्य केवल चित्रपटों में ही देखे होंगे। उन्हें इस प्रकार प्रत्यक्ष रूप में अवलोकन करना किसी रोमांच से कम नहीं है। परिरक्षित देहों के विभिन्न प्रकार के विषय में यदि आपको कल्पना देना चाहूँ तो मेरा केवल यह बताना पर्याप्त है कि आप यहाँ बिल्लियों के भी अनेक ममी देखेंगे।

प्राचीन मिस्र की रक्षित ममी
प्राचीन मिस्र की रक्षित ममी

यह सम्पूर्ण क्षेत्र मिस्र के मरणोपरांत जीवन की अवधारणा को समर्पित है। यह ऐसा विषय है, ऐसी संकल्पना है जिसका हम सहसा हमारे सामान्य जीवन में कभी सामना नहीं करते हैं। ये केवल हमारे काल्पनिक जीवन में विचरण करते रहते हैं। अनुमानतः आपकी स्थिति भी यही होगी। इसीलिए यहाँ आकर उस काल्पनिक जीवन को सजीव होते देख अत्यंत रोमांच होता है। आपने बालपन में इनके विषय में सुना होगा, पाठशाला के पाठ्यपुस्तकों में पढ़ा होगा, किन्तु इन्हें अपने समक्ष देखना पूर्णतः भिन्न अनुभव है। इसीलिए यह ब्रिटिश संग्रहालय का सर्वाधिक लोकप्रिय भाग है। साधारणतः यूरोप में जनसँख्या कम होने के कारण कहीं पर भी लोगों का जमावड़ा नहीं होता। संग्रहालय के इस भाग में भी दर्शकों की अधिक भीड़ ना होने के कारण हम इन्हें देख पाए, मन पूर्वक अनुभव कर पाए तथा उस रोमांच का भी आनंद ले पाए। आप लन्दन भ्रमण करने आयें तो संग्रहालय, विशेषतः इस भाग का अवलोकन अवश्य करें।

और पढ़ें: गुए गाँव में एक बौद्ध भिक्षुक का परिरक्षित शरीर (ममी)

३. पार्थेनन की मूर्तियाँ एवं शिल्प                                                        

भव्य प्राचीन सभ्यता व संस्कृति का एक अन्य उदहारण है प्राचीन ग्रीस। यह संग्रहालय उस सभ्यता की भव्यता का प्रत्यक्ष प्रमाण प्रस्तुत करता है। यहाँ आप अनेक ऐसी उत्कृष्ट प्रतिमाएं देख सकते हैं जो एक काल में पार्थेनन का भाग थे। पार्थेनन एक अथीनियन मंदिर है जो देवी एथेना को समर्पित है।

ग्रीस की प्राचीन कलाकृतियाँ
ग्रीस की प्राचीन कलाकृतियाँ

यहाँ सैकड़ों की संख्या में मूर्तियाँ, शिल्प एवं चित्रवल्लरियाँ हैं जो प्राचीन ग्रीक की जीवन शैली हूबहू हमारे समक्ष प्रस्तुत करती हैं। इन शिल्पों को इतनी सूक्ष्मता से उत्कीर्णित किया गया है कि आप कारीगरों की निष्ठा एवं समर्पण के कायल हो जायेंगे। इन्हें देख आप भी जायेंगे कि प्राचीन ग्रीक सभ्यता एवं संस्कृति को सम्मान की दृष्टी से क्यों देखा जाता है। सूत्रों से ज्ञात हुआ है कि समकालीन ग्रीक सरकार इन कलाकृतियों को ग्रीस वापिस लाना चाहती है किन्तु ब्रिटिश संग्रहालय ने ग्रीस सरकार की मांग को अस्वीकार कर दिया है।

४. ब्रिटिश संग्रहालय की जापानी दीर्घा

जापान अनेक रूपों में एक अत्यंत अचंभित कर देने वाला देश है। कई मायनों में यह विश्व में सर्वाधिक अग्रणी देश है, जैसे तकनीकी क्षेत्र। दूसरी ओर, इस देश के समाज को अपनी संस्कृति एवं परम्पराओं के प्रति प्रगाढ़ प्रेम, लगाव एवं सम्मान भी है। जापान की संस्कृति एवं परम्पराएं भी सैकड़ों वर्ष प्राचीन है। अब आप समझ गए होंगे कि यह दीर्घा कितनी महत्वपूर्ण है। यहाँ जापान के प्रागितिहास काल से लेकर आधुनिक काल तक की समयावधि का चित्रण करते अनेक वस्तुओं एवं कलाकृतियों का भण्डार है। सीमित समय होने पर इस जापानी दीर्घा का अवलोकन आपके समय का सदुपयोग होगा।

और पढ़ें: जापान में भारतीय सभ्यता

ब्रिटिश संग्रहालय के जापानी दीर्घा की सर्वोत्तम प्रस्तुति है, १७वीं सदी के समुराई योद्धा का वास्तविक कवच। है ना अद्भुत? इसे धारण कर जब योद्धा युद्धभूमि में उतरता होगा तब उसके मनमस्तिष्क में देशसेवा ही सर्वोपरि रहती होगी। इन्हें देख आप कल्पना कर सकते हैं कि समुराई योद्धा कितने तेजस्वी एवं प्रभावशाली हुआ करते थे।

५. बाब-एड्-ड्रा की मिट्टी की प्रतिमाएं

५००० वर्ष प्राचीन ये कलाकृतियाँ मृत सागर के समीप स्थित बाब-एड्-ड्रा नामक स्थान में बनाई गयी थीं। ये शिल्प विशेष दर्शनीय कलाकृतियाँ तो कदापि नहीं हैं। इसीलिए इन्हें देख मुझमें उत्सुकता उत्पन्न हुई। ये इतनी साधारण है कि मुझे प्रतीत हुआ, मैं अभी मिट्टी से इस प्रकार की प्रतिमाएं बना सकती हूँ। इनका ब्रिटिश संग्रहालय में होना, इस संग्रहालय के संग्रह की विशालता की ओर संकेत करता है। ये प्रतिमाएं किसकी हैं तथा इनके पृष्ठभाग में क्या कथा है, मुझे इसकी जानकारी प्राप्त नहीं हुई।

६. इफ प्रमुख का कांस्य शीष

आपने यह नाम कदाचित कभी नहीं सुना होगा। किन्तु मैं आपको विश्वास दिलाती हूँ कि यह शिल्प आपके मनमस्तिष्क पर छाप अवश्य छोड़ेगी। कांस्य धातु में निर्मित यह शीष इतना जीवंत प्रतीत होता है आप इसे देखते ही रह जायेंगे। इसे देख ऐसा प्रतीत होता है मानो उसके मुख से अब स्वर विस्फुटित होंगे। इफ पश्चिमी अफ्रीका का एक राज्य था। यह शीष कदाचित उस राज्य के प्रमुख का होगा। यह लगभग ६०० वर्ष प्राचीन शिल्प है। इस शीष के अतिरिक्त, अफ्रीका के अनेक अन्य शिल्प भी यहाँ प्रदर्शित हैं।

प्राचीन अफ्रीकी देशों के विषय में विशेष पढ़ने व सुनने को नहीं मिलता है। किन्तु इन्हें देख यह आभास होता है कि इफ एवं ऐसे अनेक समाज उस काल में अफ्रिका के संपन्न समाज थे। वे भी अद्भुत संस्कृति एवं आकर्षक कला के धनी थे। उदहारण के लिए, इफ समाज के पुरुष के शीष का यह शिल्प इतनी सूक्ष्मता से उत्कीर्णित है कि आप इसके कलाकार के शिल्पकौशल की कल्पना कर अचंभित हुए बिना रह नहीं पायेंगे। इस अद्भुत कलाकृति को आप अवश्य देखें।

७.  आमेनहोटेप तृतीय का शीष

लगभग ४ टन भारी एवं ३ मीटर ऊंचा यह शीष भी एक आकर्षक व भव्य शिल्प है। यह शीष मिस्र के फेरो आमेनहोटेप तृतीय का है जिसने लगभग ३५०० वर्षों पूर्व मिस्र पर राज किया था। इस शीष के शिल्प पर विद्यमान कला कौशल भी आपको अचंभित कर देगी तथा आपको वहीं रूककर इसे निहारते रहने के लिये बाध्य कर देगी। इस शीष के समीप एक विशाल भुजा का शिल्प रखा हुआ है जो यह दर्शाता है कि ये दोनों किसी अतिविशाल प्रतिमा के भाग हो सकते हैं।

आमेनहोटेप तृतीय का शीष
आमेनहोटेप तृतीय का शीष

ऐसे व्यक्तित्व के योद्धा राजा का प्रभुत्व कितना प्रभावशाली होगा जो उनके सम्मान में करीगरों ने इतना भव्य एवं अतिविशाल प्रतिमा गढ़ी होगी। यह प्रतिमा वास्तव में कितनी विशाल होगी, यह कल्पना कर आप आश्चर्यचकित हो जायेंगे। उस काल में ऐसी प्रतिमा को रचना तथा निश्चित स्थान पर स्थापित करना कितना विशाल कार्य रहा होगा। इसका आभास आपको इसे देखकर ही होगा।

८. वेनिस का दृश्य

ब्रिटिश संग्रहालय के अप्रतिम संग्रह की इस सूची में स्थान पाते अधिकतर कृतियों से अपेक्षाकृत यह कृति अधिक लोकप्रिय ना हो, किन्तु फिर भी यह अत्यंत दर्शनीय है। १५०० ईसवी के वेनिस का यह मानचित्र उस काल के वेनिस नगरी का विस्तृत रेखा चित्र है। उस काल में विद्यमान छोटे से छोटे मार्ग, गलियाँ तथा गृहों को इसमें स्पष्ट दर्शाया गया है। ऐसा मानचित्र हो तो कोई भी अपना मार्ग कभी नहीं चूकेगा। ऐसी स्पष्टता, ऐसी सूक्ष्मता तथा ऐसी उत्कृष्टता आपको ऐसा सम्मोहित कर देगी कि आप वहां से आगे नहीं जा पायेंगे।

और पढ़ें: नई दिल्ली के राष्ट्रीय संग्रहालय की १० सर्वोत्कृष्ट कलाकृतियाँ

कदाचित संग्रहालय के अधिकारियों को ज्ञात हो गया था कि लोग इस मानचित्र को घंटों निहारना चाहेंगे तथा इसके द्वारा प्राचीन काल की जीवनशैली के विषय में अनुमान लगाने का प्रयास करेंगे। इसीलिए उन्होंने इसके समक्ष बैठक की व्यवस्था की है ताकि उस पर बैठकर दर्शन सुविधापूर्वक इसका अवलोकन कर सकते हैं। आपको यहाँ इटली के भी अनेक पर्यटक दृष्टिगोचर होंगे जिन्हें इस मानचित्र में विशेष रूचि होती है।

९. लुईस मोहरे (चेसमैन)

संग्रहालय में स्थित कृतियों के रूप में चेस अथवा शतरंज के मोहरे कदाचित आपको प्रथमदर्शनी आकर्षित ना करें, किन्तु इन्हें ध्यानपूर्वक देखने पर आपको इस पर सूक्ष्मता से किये गए उत्कीर्णन अचंभित कर देंगे। उस पर यह सत्य कि इन्हें १२वीं सदी में बनाया गया है। आपके दृष्टिकोण में १८० अंश परिवर्तन आ जाएगा। मुझे ये मोहरे अत्यंत आकर्षक एवं रोचक प्रतीत हुए।

शतरंज के मोहरे
शतरंज के मोहरे

शतरंज के ये मोहरे कदाचित विश्व के सर्वाधिक लोकप्रिय मोहरों में से है। हैरी पॉटर के एक चित्रपट में भी इन्हें दिखाया गया है। चैम्बर ऑफ़ सीक्रेट्स! इस चित्रपट में खेले गए उस विशेष शतरंज के खेल का आपको स्मरण होगा। इन मोहरों ने उस खेल प्रतियोगिता में भाग लिया था। अब तो आप इन्हें देखेंगे ना?

१०. ब्रिटिश संग्रहालय

यह नाम पढ़कर आप विस्मित हुए होंगे! हम ब्रिटिश संग्रहालय में ही भ्रमण कर रहे हैं, फिर ब्रिटिश संग्रहालय एक कलाकृति कैसे हो गयी? जी हाँ, ब्रिटिश संग्रहालय की संरचना स्वयं में वास्तुकला का एक अत्यंत भव्य उदाहारण है। इसका अग्रभाग प्राचीन ग्रीस की शैली में निर्मित है। इसकी विशालता इस शैली को अत्यंत प्रभावशाली बना देती है।

ब्रिटिश संग्रहालय - लन्दन
ब्रिटिश संग्रहालय – लन्दन

कालान्तर में इस संरचना में नवीन भागों को जोड़ा गया। अतः इस इमारत को ध्यानपूर्वक निहारें तो इसमें विभिन्न वास्तुशैलियों का अद्भुत संगम दृष्टिगोचर होता है। आप यहाँ रानी एलिजाबेथ द्वितीय की आमसभा को निहारना ना भूलें। यह एक अतिविशाल प्रांगण है जो संग्रहालय के मध्य में स्थित है। इस पर छत है। यह यूरोप का विशालतम सार्वजनिक प्रांगण है जो छत से ढंका हुआ है। कांच का यह छत अत्यंत सुन्दर है। संग्रहालय के दर्शन करते आप थक जाएँ तो कुछ क्षण विश्राम करने हेतु आप यहाँ रुक सकते हैं। मेरी मानें तो यहाँ कुछ क्षण व्यतीत करना अत्यंत सार्थक सिद्ध होगा। यह स्थान इस इमारत की विशालता एवं भव्यता का पूर्ण आभास प्रदान करता है। इस भावना का आनंद लेते हुए आप शान्ति से कुछ क्षण यहाँ व्यतीत कीजिये।

ब्रिटिश संग्रहालय के लिए कुछ अंतिम शब्द

इस संग्रहालय में आप एक पूर्ण दिवस व्यतीत कर सकते हैं। उस पर भी इसे देखने की इच्छा समाप्त नहीं होती। अपनी रूचि एवं उपलब्ध समय के अनुसार आप अपने संग्रहालय दर्शन कार्यक्रम का नियोजन कर सकते हैं। यहाँ आपकी सुविधा के लिए अनेक सुविधाएं उपलब्ध हैं। विभिन्न प्रकार के जलपान गृह एवं भोजनालय भिन्न भिन्न स्थानों पर उपलब्ध हैं जहाँ आप कुछ क्षण बैठकर अपनी मध्यवर्ती थकान दूर कर सकते हैं।

जिज्ञासा

मुझे यहाँ अनेक शालेय विद्यार्थियों को देख अत्यंत प्रसन्नता हुई। वे संग्रहालय में यहाँ-वहां फुदक रहे थे। विभिन्न पाठशालाओं के विद्यार्थियों को नियमित रूप से यहाँ लाया जाता है तथा उन्हें यहाँ के संग्रहों के माध्यम से विभिन्न संस्कृतियों के प्रत्यक्ष परिचय कराया जाता है। विद्यार्थीगण इस संग्रहालय का भरपूर आनंद उठा रहे थे। विभिन्न कलाकृतियों के प्रति उनकी विशुद्ध जिज्ञासा स्पष्ट झलक रही थी। शालेय ज्ञान प्राप्त करने के लिए यह एक उत्तम साधन है। इसके अतिरिक्त वे अत्यंत शालीनता से भी व्यवहार कर रहे थे। अतः आप चिंता ना करें कि उनके कारण आपका भ्रमण नीरस हो जाएगा।

यदि आप लन्दन में कुछ विस्मयकारी एवं रोमांचक करना चाहते हैं तो इस संग्रहालय का दर्शन आपकी सूची में प्रथम स्थान पर रखिये। आप इस निर्णय से निराश नहीं होंगे।

यह अंका (Anca) द्वारा प्रदत्त एक अतिथि संस्करण है।


अंका One Day Itinerary की संस्थापक एवं प्रमुख संपादक हैं। यह यात्रा संस्करण उन्होंने उन पर्यटकों को समर्पित किया है जो किसी नवीन नगरी में अपना अधिकतम समय सर्वोत्तम रूप से व्यतीत करना चाहते हैं। भले ही उनके पास केवल एक दिन का ही समय क्यों ना हो! अंका ने लगभग विश्व के सभी पर्यटन स्थलों का भ्रमण किया है। अतः किसी पर्यटन स्थल के विषय में आवश्यक जानकारी प्राप्त करने हेतु उनसे उत्तम कौन होगा?  अपनी यात्रा संस्करणों द्वारा उन्होंने अनेक पर्यटन स्थलों के विषय में पर्यटकों के लगभग सभी प्रश्नों एवं जिज्ञासाओं का समाधान किया है।


अनुवाद: मधुमिता ताम्हणे

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here