मत्तूर - कर्णाटक का संस्कृत भाषी गाँव

मत्तूर – कर्नाटक के शिवमोग्गा का संस्कृत भाषी गाँव

जब से मैंने सुना कि मत्तूर गाँव का बच्चा बच्चा संस्कृत में वार्तालाप करता है, मैं इस गाँव को देखने के लिए आतुर थी। मन में उत्सुकता जागृत हो गयी, प्राचीन काल में जो...
पार्वती घाटी के मणिकरण के उष्ण झरने

मणिकरण साहिब और कुल्लू मनाली में स्थित पार्वती घाटी के रहस्य   

हमारे 18 दिनों के लंबे हिमाचल भ्रमण के अंतिम दिन हम मणिकरण साहिब के दर्शन करने चले। घर वापस जाने से पहले हम आभार प्रकट करने के रूप में मणिकरण साहिब के दर्शन लेना...
भरद्वाज मुनि की विशाल प्रतिमा - प्रयागराज

प्रयागराज के अनमोल धरोहरों का दर्शन- एक पदभ्रमण

प्रयागराज, जिसे कुछ समय के लिए इलाहाबाद भी कहा जाता था, एक छोटा किन्तु अत्यंत महत्वपूर्ण नगर है। भारत के तीन प्रधानमंत्री प्रयागराज नगर के निवासी थे जिनमें दो का जन्म भी प्रयागराज में...
असीरगढ़ दुर्ग - बुरहानपुर

बुरहानपुर – जहां कभी ताज महल बनवाया जाने वाला था!

बुरहानपुर – इस नगर को मैं केवल इसलिए जानती थी कि यहाँ शाहजहाँ की पत्नी मुमताज महल की मृत्यु हुई थी। वही मुमताज महल जिनकी स्मृति में ताज महल बनवाया गया था। अपनी १४वी.संतान...
पदयनी - केरल के भद्रकाली मंदिरों का अनुष्ठान

पदयनी – केरल में माँ भगवती को प्रसन्न करने का अनोखा अनुष्ठान

पदयनी केरल के देवी मंदिरों का एक अनुष्ठान है। पदयनी शब्द की व्युत्पत्ति पेदनी से हुई है जिसका अर्थ है, सेना अथवा सैन्य संरचना। आप सोच रहे होंगे कि क्या यह उत्सव युद्ध के...
प्राचीन विद्याशंकर मंदिर - श्रृंगेरी कर्णाटक

श्रृंगेरी – शारदा पीठम के आसपास की देवनगरी

श्रृंगेरी, अर्थात ऋषिश्रृंग गिरी। श्रृंगेरी को यह नाम ऋषि विभाण्डक के सुपुत्र ऋषि श्रृंगी से प्राप्त हुआ है। गिरी का अर्थ है पर्वत। अर्थात् श्रृंगेरी शब्द की व्युत्पत्ती एवं इसका इतिहास ऋषि-मुनियों के काल...
दिल्ली श्रीनगर लेह सड़क यात्रा

दिल्ली श्रीनगर लेह सड़क यात्रा – जहां मार्ग ही लक्ष्य बन जाता है!

सम्पूर्ण विश्व में ऐसे पर्यटकों की संख्या बहुत अधिक है जिन्हें सड़क यात्रा द्वारा पर्यटन के रोमांच का अनुभव करना अत्यधिक प्रिय है। ऐसे यात्रियों की संख्या अब भारत में भी तेजी से बढ़...
कीर्ति मंदिर - पोरबंदर गुजरात

पोरबंदर- सुदामा व गांधी की जन्मस्थली

पोरबंदर – यह शब्द मेरे कानों में सर्वप्रथम तब पड़ा जब प्राथमिक शाला में हमें महात्मा गांधी पर निबंध लिखने कहा गया था। पोरबंदर की तो छोड़िये, चंडीगड़ में पढ़ रही मुझ जैसी नन्ही...
भारतीय अद्यतन शिक्षा संस्थान शिमला

वायस रीगल लॉज से राष्ट्रपति निवास तक की यात्रा, शिमला

शिमला अंग्रेजों का चहेता पहाड़ी प्रदेश था। बहुत सालों तक वह अंग्रेजों की ग्रीष्मकालीन राजधानी भी रहा है। तो ऐसे में इन पहाड़ियों पर उनकी छाप न हो ऐसा कैसे हो सकता है। यहाँ...
५० के दशक में बना ऋषि कन्व का आश्रम - मालिनी के तीर पर

कण्वाश्रम – सम्राट भरत की जन्मस्थली उत्तराखंड में मालिनी के तीर पर

इंडिया, आमतौर पर इस नाम से संबोधित हमारा देश वस्तुतः भारत अथवा भारतवर्ष है। इस नाम का सम्बन्ध सम्राट भरत से है। क्या आप सम्राट भरत की जन्मस्थली के विषय में जानते हैं? उनकी...

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