एकला चलो रे - रबिन्द्रनाथ ठाकुर

एकला चलो रे – रवींद्रनाथ ठाकुर का सुप्रसिद्ध बंगला गीत

हम शांतिनिकेतन में थे। सम्पूर्ण वातावरण में ‘एकला चलो रे’ का स्वर गूंज रहा था। मैं कवि रवीन्द्रनाथ ठाकुर द्वारा स्थापित शांतिनिकेतन के प्रत्येक तत्व को देख रही थी एवं अनुभव कर रही थी।...
कूच बिहार राजबाड़ी

कूच बिहार – पश्चिम बंगाल की राजसी नगरी के पर्यटक स्थल

कूच बिहार – इस नगरी के विषय में मैंने सर्वप्रथम उस समय जाना जब मैं जयपुर की महारानी गायत्री देवी से संबंधित एक लेख पढ़ रही थी। महारानी गायत्री देवी के पिता कूच बिहार...
बंगाल के आदिवासी जीवन का चित्रण

शांतिनिकेतन – रवींद्रनाथ ठाकुर का स्वप्निल विश्व भारती विद्यालय

शांतिनिकेतन - शिक्षा की इस नगरी का नाम सुनते ही नयनों के समक्ष रवींद्र नाथ ठाकुर की छवि प्रकट हो जाती है। बालपन से हमने रवींद्रनाथ ठाकुर एवं उनकी कर्म भूमि शांतिनिकेतन के विषय...
कोलकाता के उपहार

कोलकाता के उपहार – बंगाल के १० सर्वोत्तम स्मृतिचिन्ह

कोलकाता के स्मृतिचिन्ह से मुझे पुराने चलचित्रों का स्मरण हो आया जहां नायक अथवा नायक के पिता को कई बार कोलकाता जाते दिखाया जाता था और आशा की जाती थी कि वह वहां से...
कलकत्ता की पद यात्रा

कोलकाता मे बसा अंग्रेजों के ज़माने का कलकत्ता

कलकत्ता के पुराने इलाकों की सैर करते हुए आप समय के उस दौर में पहुँच जाते हैं, जब कलकत्ता अंग्रेजों का शासनकेंद्र हुआ करता था। तब सभी बड़ी-बड़ी कंपनियों के कार्यालय कलकत्ता में अपने...
दार्जिलिंग हिमालय रेलवे

दार्जिलिंग हिमालय रेलवे – एक जीता जागता स्वप्न

दार्जिलिंग हिमालय रेलवे, भारत की उन ३ पर्वतीय रेल सेवाओं में से एक है जिन्हें यूनेस्को ने विश्व विरासत घोषित किया है। दार्जिलिंग हिमालय रेल की दार्जिलिंग से घूम की यात्रा, भारत के इस...

सोशल मीडिया पर जुड़िये

149,899FansLike
6,729FollowersFollow
927FollowersFollow
25,237FollowersFollow
8,650SubscribersSubscribe

लोकप्रिय प्रविष्टियाँ