विभूति झरना

विभूति झरना, याना शिलाएं, मिर्जन दुर्ग- उत्तर कन्नड़ में सड़क यात्रा

उत्तर कन्नड़ भ्रमण के समय सिरसी से गोकर्ण की यात्रा करते हुए अधिकतर पर्यटक गोकर्ण के समुद्र तटों का आनंद उठाने हेतु इच्छुक रहते हैं। क्यों ना हों! गोकर्ण के समुद्र तट हैं ही...
मत्तूर - कर्णाटक का संस्कृत भाषी गाँव

मत्तूर – कर्नाटक के शिवमोग्गा का संस्कृत भाषी गाँव

जब से मैंने सुना कि मत्तूर गाँव का बच्चा बच्चा संस्कृत में वार्तालाप करता है, मैं इस गाँव को देखने के लिए आतुर थी। मन में उत्सुकता जागृत हो गयी, प्राचीन काल में जो...
प्राचीन विद्याशंकर मंदिर - श्रृंगेरी कर्णाटक

श्रृंगेरी – शारदा पीठम के आसपास की देवनगरी

श्रृंगेरी, अर्थात ऋषिश्रृंग गिरी। श्रृंगेरी को यह नाम ऋषि विभाण्डक के सुपुत्र ऋषि श्रृंगी से प्राप्त हुआ है। गिरी का अर्थ है पर्वत। अर्थात् श्रृंगेरी शब्द की व्युत्पत्ती एवं इसका इतिहास ऋषि-मुनियों के काल...
रामलिंगेश्वर मंदिर समूह अवनी कर्णाटक

अवनी-कोलार का रामायणकालीन रामलिंगेश्वर मंदिर समूह

4
सम्पूर्ण दक्षिण भारत, विलक्षण वास्तुकला युक्त आकर्षक मंदिरों से परिपूर्ण है। अवनी का रामलिंगेश्वर मंदिर समूह भी ऐसे ही दर्शनीय एवं अद्भुत मंदिरों का एक समूह है जो कर्नाटक के कोलार नगर के पास...
बिदरी धातु शिल्प कैसे बनती है?

बिदरी धातु-शिल्पकला सृजन का प्रत्यक्ष दर्शन

2
काले स्याह जस्ते अर्थात् जिंक पर उज्जवल सजीली नक्काशी, ऐसी कलाकारी आप सभी ने अवश्य देखी होगी। इसे देख आपको वर्षा ऋतु की काली रात्री में स्याह घटाओं के पीछे से चन्द्रमा की चमकती...

सहस्रलिंग – सिरसी शाल्मला नदी के सहस्त्र शिवलिंग

6
उत्तर कन्नड़ के हरे भरे घने वनों के हृदयस्थली में स्थित है विस्मयकारी स्थलों का नगर सिरसी। उत्तर कन्नड़ के प्रत्येक स्थान से सिरसी की ओर रास्ता जाता है। मेरे इस सिरसी यात्रा के...
जैन काशी मूडबिद्री - कर्नाटक

मूडबिद्री – कर्नाटक के उत्कृष्ट प्राचीन जैन मंदिर

0
आप सब ने कर्नाटक के श्रवनबेलगोला स्थित विशालकाय बाहुबली मूर्ति के सम्बन्ध में अवश्य सुना होगा। आप में से कुछ को इनके दर्शन का सौभाग्य भी प्राप्त हुआ होगा। तथापि लोगों को क्वचित ही...
डॉ गंगुबाई हंगल

गंगुबाई हंगल – हुबली धारवाड़ से निकली एक संगीत धारा

धारवाड़ - हुबली जाने के पीछे मेरा बस एक ही कारण रहा है और वह है, प्रख्यात गायिका डॉ. गंगुबाई हंगल के बारे में थोड़ा और जानने की मेरी इच्छा। उनका देहांत होने के...
पत्तदकल के मंदिर

बादामी, ऐहोले, पत्तदकल – एक कविता, एक प्रेरणा

जब आप पत्थरों पे कवि की कविता लिखी देखते हैं तो कभी कभी उस कविता का कथन इतना प्रभावशाली होता है की आप के अन्दर भी एक कविता फूट पड़ती है। कुछ ऐसा ही...

सोशल मीडिया पर जुड़िये

152,186FansLike
6,558FollowersFollow
833FollowersFollow
22,015FollowersFollow
8,650SubscribersSubscribe

लोकप्रिय प्रविष्टियाँ